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जानें, क्या है, मेटावर्स टेक्नोलॉजी? | Metaverse Kya Hai | What is Metaverse in Hindi?

आज हम Google, Bing, YouTube आदि search engines का use, जानकारी को ढूढ़ने और देखने के लिए किया जाता है. लेकिन, क्या आपने सोचा है की क्या हो, जब Internet की खुद की एक दुनिया हो, जिसमें आप घर बैठे कहीं भी घूम सकते हो.

क्या, सोच रहे हैं की ऐसा संभव है या नहीं। ऐसा बिल्कुल Possible है. इस technology को “Metaverse” कहते हैं, यह एक virtual दुनिया है. जिसे आप अपनी आँखों से देख पाएंगे।

Facebook, Microsoft जैसी कई बड़ी Tech Companies मेटावर्स के विकास में लगी हुई हैं। जिस प्रकार, हमारे लिये, पृथ्वी है, आसमान है, चन्द्रमा है, बल्कि पूरा ब्रह्माण्ड है. बिलकुल, इसी प्रकार, पूरा ब्रह्माण्ड को लेकर एक virtual दुनिया बनायीं गयी है.

जिस तरीके से वास्तविक दुनिया में जमीन, प्लॉट्स, बिल्डिंग्स खरीदी और बेची जा सकती है. बिल्कुल, इसी तरह आप मेटावर्स की दुनिया में आप जगह खरीद और बेच सकते हैं.

क्योंकि, Metaverse में व्यापार की संभावनाओं ज्यादा हैं, तो इस opportunity को देखते हुए कई brands ने यहाँ अपनी जमीन यानी virtual land खरीदी है.

वैसे, तो Metaverse का अभी पूरी तरीके से development नहीं हुआ है, लेकिन, आने वाला समय, blockchain, cryptocurrency, NFT और Metaverse का ही है. चलिये, अब अच्छे से समझते हैं की Metaverse Kya Hai, Kaise kaam karega?

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मेटावर्स का अर्थ क्या है? | Metaverse Meaning in Hindi

Metaverse, दो शब्दों से मिलकर बना है, Meta और Verse. जहाँ, Meta शब्द का अर्थ है, जिसकी कोई सीमा न हो यानी limitless. वहीं, verse शब्द का अर्थ है, ब्रह्माण्ड यानी universe. यानी, Metaverse शब्द का अर्थ है, एक ऐसी दुनिया जिसकी कोई सीमा न हो.

मेटावर्स क्या है? | What is Metaverse in Hindi?

आप, मैं, हम सब फेसबुक का use करते हैं. लेकिन, हम से कितने लोगो को यह पता होगा की facebook ने अपना नाम बदल दिया है. क्यों, हैरान रह गये? जी हाँ, यह सच है.

अभी हाल ही में Mark Zuckerberg ने Facebook का नाम बदलकर “Metaplateforms Ink” कर दिया है, जिसको short में “मेटा (Meta)” भी कहते हैं. ऐसा इसीलिए किया, क्योंकि, अब फेसबुक ने “metaverse” पर भी काम करना शुरू कर दिया है.

metaverse kya hai

मेटावर्स एक Virtual World यानी एक डिजिटल दुनिया है। इस से पहले मैं आपको virtual world के बारे में बताऊँ, पहले हम यह समझते हैं की वास्तविक दुनिया यानी real world और virtual दुनिया क्या है, और इनमे अंतर क्या है?

देखिये, आपका कोई दोस्त आपके घर आया मिलने, वह आपके सामने बैठ कर बात कर रहा है, खाना खा रहे हैं. आप उस इंसान को देख सकते हैं, छू सकते हैं. आप उस व्यक्ति की presence को महसूस कर सकते हैं। यह है, वास्तविक दुनिया यानी Real World.

लेकिन, वहीँ virtual दुनिया में आप किसी को देख तो सकते हो, लेकिन आप उनको physically छू नहीं सकते। जैसे- आप video call करते हैं, ऐसे में उस व्यक्ति को देख सकते हो, बात कर सकते हो. लेकिन, वह व्यक्ति आपके साथ आपके घर में नहीं बैठा होता है.

बिल्कुल, इसी प्रकार मेटावर्स में, पूरे ब्रह्माण्ड को virtually डिज़ाइन किया गया है. हिमालय पर्वत से लेकर, whitehouse तक सब कुछ. अब जब ब्रह्माण्ड डिज़ाइन किया गया है, तो वहां पर जमीन भी खरीदेंगे लोग. ये जो जमीन होती है. यह भी virtual ही होती है. आप physically इसको touch नहीं कर सकते।

आप इस वर्चुअल दुनिया में, दोस्तों के साथ घूमने जा सकते हो, जब आप अपने हर दोस्त के साथ घूमने जाओगे, तो वर्चुअल दुनिया में आपकी और आपके दोस्त की जो presence होगी, वह कुछ इस तरह से होगी, जैसे मारिओ के वीडियो games में मारियो की होती थी.

इस दुनिया में आप shopping भी कर सकते हो, जो कुछ भी आप खरीदोगे, वह आपके घर पर deliver हो जायेगा। लगभग, आप यहाँ वह सारा काम कर सकते हैं, जो आप वास्तविक जीवन में करते हैं.

Meta Verse को समझने के लिए, आपको Internet के विकास को समझना होगा। जब Internet की शुरुआत हुई थी, तब उस दौरान ज्यादातर चीजें हमें Text Format में ही देखने को मिलती थी, हम इन text को देख सकते थे और पढ़ सकते थे. तब, इस दौर को Web 1.0 कहा गया.

समय के साथ Internet का विकास हुआ और अब हम इसमें Text के साथ Audio, Video और 3D का भी लाभ उठाते हैं, इसे Web 2.0 कहा गया. वर्तमान, में मेटावर्स को Web 3.0 कहा जा रहा है।

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मेटावर्स कैसे काम करेगा? | How Will Metaverse Work in Hindi?

जैसा कि हमने पहले बताया कि इस Virtual और आभासी दुनिया में पहुंचने के लिए आपको एक Virtual अवतार लेना होगा, जिस तरह से आप Video Games के लिए Virtual Avatar लेते हैं। हम PubG Game के उदाहरण द्वारा इसे समझ सकते हैं।

इस Game को खेलने के लिए आपको एक Virtual Avatar लेना पड़ता है। अपने इस Avatar के लिए आप Clothes, Accessories और Games से संबंधित चीजें खरीद पाते हैं। इसके साथ-साथ आप यहां Voice Chat के जरिए, अपने दोस्तों से बात कर पाते हैं, उन्हें Emojis के जरिए हेलो, हाय बोल पातें हैं।

यह सब चीजें आपको मेटावर्स में भी मिलेगी। हालांकि, Games के मुकाबले आपको मेटावर्स में ज्यादा वास्तविकता का अनुभव होगा। क्योंकि, आपके पास बोलने और व्यवहार करने के लिए सीमित चीजें नहीं होंगी। आप जिस तरह से अपने असल जिंदगी में जीते हैं, उसी तरह मेटावर्स की दुनिया में भी जा पाएंगे, लोगों से बात कर पाएंगे।

मेटावर्स सिर्फ मौज मस्ती के लिए नहीं, बल्कि आप यहां अपना व्यापार भी बढ़ा सकते हैं। जिस तरह से Video Call के जरिए, आप आपस में Meeting किया करते हैं, अब इसी तरह की Meeting काफी ज्यादा वास्तविक होगी। Meeting के दौरान आप खुद एक दूसरे लोगों के सामने आएंगे।

आप घर बैठे ही इस Virtual दुनिया को Explore कर सकते हैं, और ऐसा करने के लिए आपको घर में कुछ Software Tools जैसे कि VR हेडसेट, Computer आदि को उपयोग करना पड़ेगा।

मेटावर्स से क्या लाभ हैं?| What are the Benefits of Metaverse in Hindi?

जैसे-जैसे technology का विकास हुआ, वैसे-वैसे लोग digital modes जैसे video और web conferencing का प्रयोग आपस में मिलने और बातचीत करने के लिए करने लगे हैं. बस, मेटावर्स इसी digital अनुभव को बढ़ाने को एक अगले स्तर पर लेकर जाता है. Metaverse के कई लाभ हैं, जिनमें से कुछ लाभ हम आपको नीचे बता रहे हैं,

1. Metaverse कर सकता है, घर बैठे काम करने की समस्या को हल.

जब से covid आया है, तब से हर व्यक्ति घर बैठ कर यानी Work From Home ही कर रहा है. अब घर बैठा व्यक्ति ऑफिस समय पर काम कर रहा है, या सो रहा है या खा रहा है, यह कोई नहीं जानता है. Employees को task assign कर दिया जाता है, और उनको वो task पूरा करने को बोला जाता है.

लेकिन, मेटावर्स में इन सभी समस्याओं का समाधान करने की क्षमता है. यह employees को और managers को virtually, एक ऐसा environment देता है. जहाँ पर managers अपने employees यानी कर्मचारियों से बात कर सकते हैं, meeting कर सकते हैं. बल्कि, employees को टास्क assign यानी देने के बाद managers व्यक्ति को track भी कर सकते हैं.

2. क्या, मेटावर्स बदल सकता है, Medical की दुनिया को भी.

मेटावर्स, न केवल इंटरनेट की दुनिया को बदलने की ताकत रखता है. बल्कि, इसका प्रभाव Medical Field पर भी पढ़ रहा है. यह Doctors, Nurses आदि के लिए एक वरदान है. जहाँ, कई बार भौगोलिक सीमाओं के कारण, Patients या Doctors, एक दूसरे से नहीं मिल सकते हैं. मेटावर्स की वजह से वह समस्या भी दूर हो गयी है.

3. कैसे बदल जायेगी, Online-Gaming की दुनिया।

इन सब benefits के अलावा, metaverse, online-gaming को भी पूरी तरीके से बदल कर रख देगा। यह गेम्स पूरी तरीके से decentralized होंगे, जो की play to earn के concept पर based होंगे। यहाँ पर users, NFT का प्रयोग करके गेम्स को खरीद व बेच सकते हैं.

4. Metaverse की मदद से, अब आप घर बैठे ही घूम सकते हैं.

हर किसी को घूमना पसंद है. लेकिन, हर इंसान अपने मनचाही destination पर हमेशा नहीं घूम सकता। ऐसे में, आपकी इच्छा पूरी करने के लिए मेटावर्स मेजर रोल play करता है. जिन स्थानों पर आप physically नहीं घूम सकते, वहां आप मेटावर्स के द्वारा बनायीं गयी, आभासी दुनिया (virtually) में घूम सकते हैं.

5. Metaverse से कैसे कमा सकते हैं, पैसे।

बहुत से लोग मेटावर्स की दुनिया में interest रखते हैं. वे इस आभासी दुनिया में अपना business-project शुरू करके लाभ कमाने की तरफ सोच रहे हैं. Metaverse के open-source (यानी कोई भी use कर सकता है) के कारण, कोई भी व्यक्ति project बना सकता है और develop कर सकता है.

मेटावर्स से क्या नुक्सान हो सकते हैं? | What are the disadvantages of Metaverse in Hindi?

देखिये, अगर कोई नयी टेक्नोलॉजी अपने साथ कुछ अच्छे गुण (benefits) लेकर आती है, तो वह कुछ अवगुण (drawbacks) भी लेकर आती है.

1. साइबर अपराध

जब से इंटरनेट शुरू हुआ है, और आम जनता ने इसका प्रयोग करना शुरू किया है. तब से साइबर अपराध बढ़ने लगा है. सरकारों ने इस समस्या से मुकाबला करने के लिए लाखों, करोड़ो खर्च कर दिये, जिस से इंटरनेट सिस्टम को मजबूती दी जा सके.

क्योंकि, मेटावर्स एक नयी टेक्नोलॉजी है. तो यह किस प्रकार से लोगो के लिए सुरक्षित है या नहीं, ये बताना मुश्किल है. मेटावर्स, money laundering, तस्करी, बाल शोषण, धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों को बढ़ाता है.

चिंता का विषय यह है की फिलहाल सरकारों के पास इस मेटावर्स से लड़ने की या इस पर होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने के कोई तरीके नहीं हैं.

2. मेटावर्स का समाज पर गलत प्रभाव

आजकल, जब इंटरनेट का Web 2.0 version चल रहा है. तो लोगो का अधिकतर समय इंटरनेट पर videos देखते हुए ही गुजरता है. लेकिन, फिर भी लोग weekend पर अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने जाते हैं.

वहीं, जब metaverse आ जायेगा, तब लोग outing के लिए, घूमने के लिए, दोस्तों से मिलने के लिए भी टेक्नोलॉजी का प्रयोग करेंगे। जिस से समाज से लोग नहीं जुड़ेंगे। कई संस्कृतियों को नहीं जान पायेंगे। जिसकी वजह से कई परम्पराओं और संस्कृतियों का अंत हो जायेगा।

3. गलत आदतों की लत

कुछ लोगों का कहना है की मेटावर्स एक लत की तरह बन जायेगा। और लत किसी भी तरीके की हो, खतरनाक है. क्योंकि, लोग पूरा दिन इस आभासी दुनिया में डूबे रहेंगे। तो शारीरिक गतिविधि, रोज-मर्रा के जरूरी कामों जैसे-सोना, खाना के अलावा लोग कोई खास शारीरिक activity नहीं करेंगे।

यदि बच्चे और किशोर, मेटावर्स का अधिक उपयोग करेंगे, तो इस से उनके विकास में रूकावट आएगी। मेटावर्स के जरूरत से ज्यादा उपयोग करने से वे आभासी दुनिया और वास्तिविक दुनिया का अंतर नहीं समझ पाएंगे। ऐसे में किशोरों को और बच्चों को, जीवन में, इन चीज़ों का सही संतुलन सीखना एक बड़ी चुनौती होगी।

4. Privacy और Security के issue

आज की तारीख में ही लोगों को नहीं पता है की जब वे इंटरनेट का उपयोग करते हैं, तब उनकी काफी सारी चीज़ें गोपनीय यानी private नहीं रहती है. लोगो को पता ही नहीं है की उनकी जानकारी विज्ञापनकर्ताओं को बेचीं जा रही है. ऐसे में मेटावर्स का उपयोग लोगो की प्राइवेसी को भंग करने में बड़ा रोल निभा सकता है.

5. मानसिक समस्या

क्योंकि, मेटावर्स का उपयोग करने से, सारे सामाजिक कनेक्शन सिर्फ डिजिटली ही रहेंगे। जिस से व्यक्ति के दिमाग पर गलत असर पड़ सकता है.

मनोवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, इस डिजिटल दुनिया में व्यक्ति का involvement और खुद को वास्तविक दुनिया से अलग करने की वजह से तलाक की संभावनाएं भी बढ़ेगी। यहाँ तक की व्यक्ति पागल भी हो सकता है.

लोगो को Depression जैसी समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है. क्योंकि, लोग काल्पनिक दुनिया को वास्तविक दुनिया से बेहतर पाते हैं. जिस से वे वास्तविक दुनिया में खुद के अंदर आत्मसम्मान की कमी महसूस करते हैं. परिणाम, यह होता है की व्यक्ति डिप्रेशन जैसी गंभीर बिमारियों का सामना करना पड़ता है.

6. इंटरनेट connection और hardware की समस्या

वर्चुअल दुनिया को अच्छे से चलाने के लिए यानी मेटावर्स का प्रयोग करने के लिए high-speed इंटरनेट connection की जरूरत पड़ेगी।

इसके अलावा, मेटावर्स की वजह से उन लोगो में भेदभाव होगा, जिनके पास मेटावर्स का उपयोग करने या उन तक पहुंचने के लिए हार्डवेयर और इंटरनेट को use करने की क्षमता होगी, और जिनमें नहीं होगी।

मेटावर्स का इतिहास क्या है? | History of Metaverse in Hindi

मेटावर्स कोई नई धारणा नहीं है, बल्कि इसे लेकर काफी पहले ही चर्चा की जा चुकी है। दरअसल, मेटावर्स शब्द का इस्तेमाल 1992 में स्टीवन स्टीफेंसन नामक अमेरिकन साइंस फिक्शन (Science Fiction) लेखक ने किया था। उन्होंने इसका उल्लेख अपनी नोबल्स स्नो क्रश (Snow Crush) में किया था। यह एक किताब है, इसमें इन्होंने बताया है की कैसे वास्तविक दुनिया खत्म हो चुकी है, और लोग आभासी दुनिया यानी Virtual World में जी रहे हैं. इस आभासी दुनिया को, स्टीवन स्टीफेंसन ने ही Metaverse का नाम दिया। बल्कि, इस किताब में व्यक्ति के virtual avatar के बारे में भी बात की गयी है.

आपको शायद जानकर हैरानी होगी की 2003 में एक computer game आया था, जिसका नाम Second Life था. इस गेम में आप अपनी खुद की काल्पनिक दुनिया बना सकते थे. आप business कर सकते थे, जमीन खरीद सकते थे.

Metaverse में Plots की बिक्री

धीरे-धीरे Metaverse लोगों के बीच लोकप्रिय हो चुका है, जिस वजह से अभी से कई लोग अरबों रुपए देकर इस पर Plots खरीद रहे हैं। इस Virtual Land का इस्तेमाल वे घर, Hotel, Restaurant आदि बनाने के लिए करेंगे।

Metaverse के सबसे लोकप्रिय Platform सैंडबॉक्स ने, पिछले महीने अमेरिका की एक वीडियो गेम डेवलपर Republic Realm को 4.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर की Virtual जमीन बेची है।

अमेरिका की यह कंपनी मेटावर्स के Real estate कंपनी के रूप में काम कर रही है। इसके साथ-साथ एक अन्य मेटावर्स कंपनी Sandbox ने मेटावर्स पर एक प्लॉट खरीदा है। इस प्लॉट का उन्होंने हांगकांग के एक 42 वर्षीय अरबपति को बेचा है। उस अरबपति का कहना है कि वे इस Plot पर GPA Pavilion बनाएंगे, और वहां अपने प्रोडक्टस को Virtually बेचेंगे।

मेटावर्स के जरिये व्यापार

अमेरिका की एक कंपनी मेटावर्स के Real estate कंपनी के रूप में काम कर रही है। इसके साथ-साथ एक अन्य मेटावर्स कंपनी Sandbox ने मेटावर्स पर एक प्लॉट खरीदा है। इस प्लॉट का उन्होंने हांगकांग के एक 42 वर्षीय अरबपति को बेचा है। उस अरबपति का कहना है कि वे इस Plot पर GPA Pavilion बनाएंगे और वहां अपने प्रोडक्टस को Virtually बेचेंगे।

बता दें, मेटावर्स पर सामानों को खरीदने के लिए लोगों को NFT (Non-Fungible Token) की जरूरत होगी।आप भी मेटावर्स पर Virtual Land खरीद सकते हैं। यह Plots और Land दो Popular Platform Decentral और Sandbox द्वारा बेचे जा रहे हैं।

अंतिम शब्द (Last Words)

मेटावर्स हम सभी की कल्पना से परे है। लेकिन, अब जल्द ही यह कल्पना सच होने वाली है। यही वजह है कि लोगों में मेटावर्स पर Plot खरीदने की होड़ लग चुकी है। यहां तक कि अमेरिका के बड़े म्यूजिशियंस स्नूप डॉग ने भी मेटावर्स पर प्लॉट खरीद लिया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में वे इस वर्चुअल Platformके जरिए Perform करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Question1: क्या, मेटावर्स Facebook का है?

Answer: जब से Mark Zuckerberg ने अपना Presentation पेश किया है और Facebook का नाम Meta कर दिया है, तब से लोग यह मानते हैं कि मेटावर्स Facebook का आविष्कार है। हालांकि ऐसा नहीं है क्योंकि मेटावर्स तकनीक पर लंबे समय से कई कंपनियां काम कर रही हैं।

Question2: Facebook का नाम कब बदला गया?

Answer: Facebook ने 28 अक्टूबर 2021 को अपना नाम बदलकर मेटा कर दिया।

Question3: क्या, मेटावर्स के जरिए लोग गेट टूगेदर कर पाएंगे?

Answer: इस तकनीक के जरिए लोग एक-दूसरे से दूर होकर virtually get-together और Parties कर पाएंगे।

Gauri
Gaurihttps://hindipradesh.com/
हैलो, मेरा नाम ग्लोरी है. मै इंजीनियरिंग में अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी हूँ. मुझे रिसर्च का और लिखने का शौक है. मुझे प्रकर्ति के साथ रहना अच्छा लगता है.
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