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What is Nifty and Sensex in Hindi?

शेयर मार्केट, एक ऐसा place है, जहाँ आप रातों रात करोड़पति भी बन सकते हैं और रोडपति भी बन सकते हैं. यदि आप शेयर मार्केट के sentiments को समझते हैं, तो शायद, आपको अच्छे returns मिल सकते हैं. लेकिन, अगर नहीं, तब आप को नुक्सान भी झेलना पड़ सकता है.

Stock Market से पैसा कमाना, अगर आसान नहीं है, तो कठिन भी नहीं है. बर्शते, आपको market को analyse करना आता हो. Market को analyse आप तभी कर सकते हैं, जब आपको स्टॉक मार्केट से जुडी terminologies के बारे में अच्छे से जानकारी हो.

अगर, आपको stock market के बारे में जानकारी न हो, तो आप हिंदी प्रदेश पर शेयर मार्केट के बारे में सीख सकते हैं.

जब कभी भी आप Business News Channel चलाते हैं, आपको अक्सर वहाँ पर सुनायी पड़ता है की Sensex आज 100 ऊपर गया और Nifty 50 point नीचे गया. क्या, कभी आपने सोचा है की सेंसेक्स और निफ्टी क्या है?

लेकिन, उस से पहले मैं यहाँ पर दो ऐसी शख्सियत का जिक्र करना चाहूंगी, जिनका नाम देश के Top 100 Richest persons में आता है. मैं बात कर रही हूँ, Mr. Radhakishan Damani और Mr. Rakesh Jhunjhunwala की. यह वे व्यक्ति हैं, जिन्होंने केवल 5000 रुपए से stock market में काम करना शुरू किया और आज उनकी Net Worth 19000 करोड़ रुपए है. चलिये, समझते हैं की What is Nifty and Sensex in Hindi?

Table of Contents

निफ्टी और सेंसेक्स क्या है? | What is Sensex and Nifty in Hindi?

Sensex और Nifty दोनों ही Stock Market में होने वाले उतार-चढ़ाव को बयां करते हैं. यह एक प्रकार का Index यानी सूचकांक है, जो stock market में होने वाले up and downs को represent करता है.

Sensex, जिसे Sensitive Index कहते हैं, की शुरुआत दीपक मोहोनि द्वारा, 1980 में की गयी थी. यह BSE यानी Bombay Stock Exchange of India में होने वाले उतार-चढ़ाव को represent करता है.

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यह सूचकांक BSE में listed भारत की 30 सबसे बड़ी कंपनियों की performance पर depend करता है. Sensex का ऊपर और नीचे जाने का प्रभाव Economy पर पड़ता है.

Sensex को देखकर, किसी भी कंपनी के stocks खरीदने हैं या नहीं, इसकी राय न बनायें। क्योंकि, सेंसेक्स में केवल 30 कंपनियों के float market capitalization का average होता है.

क्या, आप जानते हैं की Market Capitalization क्या होता है? क्योंकि, Float Market Capitalization आपको तब समझ आएगा, जब आप मार्केट कैपिटलाजेशन को समझेंगे।

किसी कंपनी के number of shares को shares की market value से गुणा करने पर प्राप्त value, उस कंपनी की market capitalization कहलाती है. लेकिन, यहाँ हम मार्केट capitalization की नहीं बल्कि, Float Market Capitalization की बात कर रहे हैं.

मान लीजिये, कोई कंपनी A के कुल शेयर 100 हैं, जिसमें से 60 शेयर कंपनी के प्रमोटर्स के पास हैं और 40 शेयर मार्केट में Float (investors खरीद और बेच रहे हैं.) कर रहे हैं और उनमें से 1 शेयर की कीमत मान लीजिये 500 रुपए है. तब कंपनी A का Float Market Capitalization हुआ, 500 × 40 = 20, 000 rupees.

Sensex में जो 30 कम्पनियाँ include की जाती है, वह अलग-अलग industry की कम्पनियाँ होती हैं.

केवल सेंसेक्स को देखकर stock को खरीदना या बेचना सही नहीं है. क्योंकि, जिन 30 कंपनियों के performance के basis पर sensex decide होता है. अगर उनमे से किसी कंपनी की performance अच्छी नहीं है, तो सेंसेक्स down हो जाता है, और यदि वह अच्छा perform कर रही हैं, तो सेंसेक्स ऊपर चला जाता है.

BSE, इन 30 कंपनियों को time to time, revise करता रहता है.

NIFTY, NSE यानी National Stock Exchange of India का एक Index यानी सूचकांक है. इसे NIFTY 50 के नाम से भी जाना जाता है. जिस तरीके से Sensex में BSE में listed, Top 30 companies का एक average float market capatilization निकाला जाता है. बिल्कुल, उसी तरीके से NIFTY का भी. बस अंतर सिर्फ इतना होता है की NIFTY में, NSE में listed, Top 50 companies का एक average float market capatilization निकाला जाता है.

Sensex की तरह इसमें भी अलग-अलग क्षेत्रों की 50 कम्पनियाँ शामिल होती हैं.

Sensex और Nifty 50 में कंपनियों को किस आधार पर select किया जाता है?

कम से कम, 1 साल से कंपनी stock exchange में register हो और प्रत्येक दिन (जब भी बाजार खुला हो), उस particular company के शेयर, शेयर मार्केट में खरीदें और बेचें जायें।

Sensex और Nifty 50 के क्या फायदे हैं?

सेंसेक्स और निफ़्टी का ऊपर जाना यह दर्शाता है की कम्पनियाँ growth कर रही हैं. Companies के growth करने का मतलब यह है की देश की अर्थव्यवस्था अच्छी हो रही है. क्योंकि, जब कंपनियों का growth होगा, तो कंपनियां नौकरी देगी। परिणामस्वरुप, बेरोजगारी घटेगी।

यदि शेयर मार्केट में सेंसेक्स और निफ़्टी ऊपर जा रहा है, तो बाहर से कई निवेशक देश की कंपनियों में निवेश करते हैं. निवेश करने से रुपए की वैल्यू बढ़ती है. रुपए की वैल्यू बढ़ने पर, सामान, वस्तुएँ सस्ती होने लगती हैं.

Sensex और Nifty में क्या अंतर है? | What is the Difference Between Sensex and Nifty?

  • Nifty का पूरा नाम National Fifty है. Sensex का पूरा नाम Sensitive Index है.
  • Nifty, Bombay Stock Exchange (BSE) का सूचकांक है, जबकि Sensex, National Stock Exchange का सूचकांक है.
  • निफ्टी में NSE में listed, Top 50 companies के float market capatilization का average होता है, जबकि सेंसेक्स में BSE में listed, top 30 companies के float market capatilization का average होता है.
  • Sensex, निफ्टी से पुराना है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

1) सबसे पुराना स्टॉक मार्केट इंडेक्स कौन-सा है?

Bombay Stock Exchange of India

2) NSE की स्थापना कब हुई?

सत्र 1993, में NSE की स्थापना हुई.

3) BSE की स्थापना कब हुई?

सत्र 1957 को BSE की स्थापना हुई.

4) NSE और BSE का सूचकांक कौन-सा है?

NSE का सूचकांक NIFTY है, BSE का सूचकांक Sensex है.

Gauri
Gaurihttps://hindipradesh.com/
हैलो, मेरा नाम ग्लोरी है. मै इंजीनियरिंग में अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी हूँ. मुझे रिसर्च का और लिखने का शौक है. मुझे प्रकर्ति के साथ रहना अच्छा लगता है.
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