HomeShikshaवायु प्रदूषण किसे कहते हैं? | What is Air Pollution in Hindi?

वायु प्रदूषण किसे कहते हैं? | What is Air Pollution in Hindi?

हम सभी जानते हैं की हमारा शरीर पाँच तत्वों से मिलकर बना है: जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी और आकाश। हमारे शरीर में 70% पानी है. लेकिन, क्या आप जानते हैं, हम प्रतिदिन 11000 लीटर हवा का intake करते हैं. क्योंकि, पानी हमें दिखाई देता तो हम water purifier का प्रयोग कर सकते हैं.

लेकिन, हवा जो हमें दिखाई नहीं देती, क्या उसके लिए हम कुछ नहीं करेंगे।

वायु प्रदूषण किसे कहते हैं? | What is Air Pollution in Hindi?

हिन्दी भाषा में, Air Pollution को वायु प्रदूषण कहा जाता है. आखिरकार, वायु प्रदूषण है क्या? फैक्ट्रियों से निकलने वाली जहरीली गैसें, कारों और वाहनों से निकलने वाला धुआँ, जब हवा के साथ mix होने लगता है, और हमारे पेड़-पौधे की कमी के कारण, पेड़ प्रदूषित हवा को साफ करने में सक्षम नहीं होते हैं. फलस्वरूप,वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है.

जब प्राकर्तिक स्रोत (जैसे-ज्वालामुखी से उत्पन्न गैसें) से निकलने वाली गैसें और  मानव निर्मित स्रोत से निकलने वाली गैस, साफ हवा में mix हो जाती है. तब वायु अधिक मात्रा में जहरीली हो जाती है.

वाहनों, कोयले से उत्पादन करने वाले बिजली सयंत्र (power plant), chemical फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआँ, वायु प्रदूषण को बढ़ाने में कारगर हैं.

Air Pollution में कई तरीके की जहरीली गैसें पायी जाती हैं. जैसे-वाहनों से निकलने वाला धुआं, ओजोन गैस, Noxious गैस (जैसे- कार्बन-मोनो ऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन-डाई ऑक्साइड, और सल्फर ऑक्साइड आदि), Particulate Matter (PM) (नाइट्रेट्स, कार्बन, सल्फेट आदि से मिलकर बना होता है) आदि. ईंधन से, घाँस या भूसे को जलाने से उत्पन्न गैस, सिगरेट के धुएँ आदि में पार्टिकुलेट मैटर (Particulate Matter) होता है. यह आपके बाल के मोटायी का 30वां भाग होता है.

अब सोचिये, जब हम साँस लेते हैं, तब ऑक्सीजन के साथ अन्य प्रदूषक तत्व भी हमारे शरीर में जाते हैं. जो की हमारे शरीर के लिए घातक हैं.

यह बढ़ता हुआ air pollution हमारे शरीर के श्वसन तंत्र (respiratory system) पर प्रभाव डालता है.

हवा कितनी प्रदूषित है, यह  Air Quality Index (AQI) से measure किया जाता है.

क्या आप जानते हैं, हमारे बाहरी वातावरण (outdoor environment) से ज्यादा प्रदूषण घरों के अंदर (Indoor Environment) होता है. शायद, आपको मेरी बात पर यकीन न हो, आप खुद WHO की report को पढ़ सकते हैं.

Table of Contents

वायु प्रदूषण कितने प्रकार का होता है? | Types of Air Pollution in Hindi

वायु प्रदूषण को दो भागों में विभाजित किया गया है,

1) What is Outdoor Air Pollution in Hindi?

क्या है, यह outdoor pollution? घरों और ऑफिस के बाहर के वातावरण को outdoor कहा जाता है. जब कभी भी हम सड़क पर या पार्क में जाते हैं, वह outdoor environment है. लेकिन, बढ़ता हुआ प्रदूषण और कोरोनावायरस की बीमारी ने सांस लेना ही दुश्वार कर दिया है.

गाड़ियों और वाहनों का धुआँ, कूड़े को जलाने से निकलने वाला धुआँ, केमिकल इंडस्ट्री से निकलने वाला धुआं, प्राकर्तिक हवा को प्रदूषित करता है. फलस्वरूप, साँस लेने में तकलीफ, अस्थमा जैसी बिमारियों का होना।

शायद, आपको जानकार हैरानी होगी की हम प्रतिदिन 11000 लीटर हवा को लेते (inhale) हैं. सोचिये, अगर आप 11000 लीटर खराब हवा को ग्रहण करते रहेंगे, तब आपका क्या होगा?

अगर, कभी हम गलती से एक ग्लास unpurified पानी पी लेते हैं, तो न जाने कितनी बीमारियाँ हमें घेर लेती हैं. लेकिन, 11000 लीटर हवा के लिए हम कोई action नहीं लेते।

हमें पूरे दिन में केवल 8 गिलास पानी पीना होता है. लेकिन, उस 8 गिलास पानी के लिए हम purifier प्रयोग करते हैं. लेकिन जो हम प्रतिदिन 11000 लीटर हवा को ग्रहण करते हैं. उसको साफ करने के लिए कुछ नहीं करते।

क्योंकि, हमें पानी दिखाई देता है, तो उसको साफ करने के लिए हम water purifier का प्रयोग करते हैं. लेकिन, हवा दिखाई नहीं देती तो हम उसको साफ करने के लिए कुछ नहीं करते हैं.

2) What is Indoor Pollution in Hindi?

आपको लगता होगा की घरों के अंदर तो प्रदूषण है ही नहीं। सही कहा ना मैंने। पर ऐसा नहीं है. जी हाँ, यह सच है.

WHO (World Health Organization) की रिपोर्ट के अनुसार, घरों और ऑफिस के अंदर का वातावरण (Indoor Environment), बाहरी वातावरण (Outdoor Environment) के comparison में ज्यादा प्रदूषित (polluted) है. क्या हुआ, shocked हो गए क्या?

Indoor Environment का ज्यादा प्रदूषित होने का मुख्य कारण है. घरों और ऑफिस में proper ventilation का न होना। आजकल सब घरों में air-conditioner (AC) लगा होता है. जिसके कारण खिड़की-दरवाजे बंद ही रहते हैं. फलस्वरूप, खाना बनाते वक्त पैदा हुआ धुआं, paint, फर्नीचर से पैदा हुई smell आदि घरों में मौजूद हवा को प्रदूषित करती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है की कुछ देशों में 6% मौतें केवल Indoor Pollution के कारण होती है. Indoor air pollution से बचने के लिए air purifier का उपयोग कर सकते हैं. At least, यह आपको आंतरिक वायु प्रदूषण से छुटकारा दिला सकता है. लेकिन, बाहरी वायु प्रदूषण से बचने के लिए आप air purifier का उपयोग नहीं कर सकते हैं.

वायु प्रदूषण के स्रोत | What are the Sources of Air Pollution in Hindi?

प्रदूषक तत्व, वे रासायनिक तत्व होते हैं, जो वायुमंडल में मौजूद हवा को प्रदूषित करते हैं. यह प्रदूषक तत्व, प्राकर्तिक संसाधनों (natural sources) और मानव निर्मित संसाधनों (Human-made sources ) द्वारा पैदा होते हैं. इन्हें दो भागों में विभाजित किया गया है,

1) प्राथमिक प्रदूषक स्रोत या प्राकृतिक स्रोत

वे तत्व, जो केवल एक process से पैदा होते हैं. जैसे-ज्वालामुखी से निकलने वाली गैस और राख, वाहनों से निकलने वाला कार्बन-मोनो ऑक्साइड गैस, उद्योगों से निकलने वाली सल्फर-डाइ-ऑक्साइड आदि.

2) द्वितीयक प्रदूषक स्रोत या मानव निर्मित संसाधन

पैदा हुए प्राथमिक प्रदूषक तत्व जब आपस में क्रिया करते हैं, और उनके आपस में क्रिया करने से अन्य नये प्रदूषक तत्व बनते हैं. वे द्वितीयक प्रदूषक तत्व कहलाते हैं. जैसे-ओजोन गैस और स्मॉग (Smog) आदि.

वायु प्रदूषण के कारण क्या है? | What are the Causes of Air Pollution in Hindi?

1) क्या जनसंख्या वृद्धि, वायु प्रदूषण को बढ़ाने में कारगर है?

जी हाँ, बढ़ती हुई जनसंख्यां वायु प्रदूषण के बढ़ने का एक मुख्य कारण है. जैसे-जैसे आबादी बाद रही है,  वैसे-वैसे प्राकर्तिक संसाधनों का प्रयोग भी बढ़ रहा है. लोगों को रहने के लिए जगह चाहिये। फलस्वरूप, पेड़ काटे जा रहें।

2) क्या लगातार वनों और जंगलों का नष्ट होना वायु प्रदूषण को बढ़ा रहा है?

हम सभी यह 5 क्लास में पड़ चुके हैं की पेड़ कार्बन-डाई-ऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं. लेकिन, जब वनों और जंगलों को नष्ट कर दिया जायेगा, तो कैसे कार्बन-डाई-ऑक्साइड, ऑक्सीजन में परिवर्तित हो पायेगी। फलस्वरूप, वायु प्रदूषण बढ़ने लगा.

3) क्या उद्योंगों का बढ़ना भी हवा को प्रदूषित करता है?

बढ़ती हुई आबादी को रोजगार देने के लिए कई उद्योगों का निर्माण किया जा रहा है. इन उद्योगों से निकलने वाली जहरीली गैस हवा को प्रदूषित करती है.

4) क्या वाहनों का अधिक प्रयोग वायु प्रदूषण को बढ़ाता है?

वाहनों (vechiles) जैसे- कार, स्कूटर, बसें, ट्रक आदि का अविष्कार समय को कम करने के लिए गया था. ताकि आसानी से और कम समय में एक जगह से दूसरी जगह पहुँचा जा सके. लेकिन, इन वाहनों से निकलने वाले धुंए ने वायुमंडल की ऑक्सीजन ही कम कर दी.

इन वाहनों से निकलने वाली कार्बन-मोनो-ऑक्साइड, वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर रही है.

वायु प्रदूषण के प्रभाव | What are the Effects of Air Pollution in Hindi?

Air Pollution से होता हुआ नुक्सान किसी को दिखायी तो नहीं दे रहा. लेकिन, इसका प्रभाव हमारे शरीर पर जानें-अनजाने बहुत गहरा है.

यदि आप विश्व स्वास्थ्य संगठन मानें, तो vehicles से accident में मरने वालों की तुलना में air pollution से मरने वाले लोगों की संख्या अधिक हैं.

निमोनिया, ब्रॉन्चिटिस, हृदय रोग (heart disease), फेफड़ों का कैंसर (lung cancer), Skin Cancer, Respiratory diseases जैसे- अस्थमा आदि, वायु प्रदूषण के कारण ही होता है.

एक बच्चा जिस दिन से पैदा होता है, वह 11000 लीटर हवा लेने लगता है. लेकिन, अगर ऐसे में उसको साफ हवा न मिलकर खराब यानी प्रदूषित हवा मिलती रहे, तब क्या होगा? शायद, आपको जानकार हैरानी हो, अगर एक बच्चे को सही मात्रा में ऑक्सीजन न मिले, तो उसके दिमाग अल्पविकसित भी रह सकता है.

बढ़ता हुआ वायु प्रदूषण इस पृथ्वी पर मौजूद हर व्यक्ति के लिए नुकसानदेह है. वह चाहे पशु हो या मानव। यह प्रदूषित वायु हमारे immune सिस्टम को भी कमजोर (weak) करती है.

ग्लोबल वार्मिंग (Global warming), अम्ल वर्षा (Acid Rain), स्मॉग (Smog) आदि बढ़ते हुए वायु प्रदूषण के कारण ही है. इतना ही नहीं, बल्कि इन सब चीजों का प्रभाव (climate change) कृषि (agricultural) पर भी पड़ता है. फलस्वरूप, फसलों का खराब होना, फसलों की साइकिल का बदलना।बल्कि, Acid rain, smog और ozone gas जमीन के अंदर जाकर जमीन की उर्वरा शक्ति को भी खराब करती है.

यह तो बात हो गयी की air pollution क्या है, यह कितने प्रकार का होता और इसका हम पर क्या प्रभाव पड़ता है? अब प्रश्न यह उठता है की इस समस्या का हल क्या है?

वायु प्रदूषण को रोकने के उपाय | How to Prevent Air Pollution in Hindi?

1) छोटी दूरी के लिए कारों, बाइक का प्रयोग करने से बचें। बल्कि, इसकी जगह साइकिल का use करें या पैदल जाएँ। अगर, आपको लम्बी दूरी तय करनी है, तब बस, ट्रेन या कारपूलिंग का उपयोग करें। ऐसा करने से आपकी health भी बनी रहेगी और Wealth भी.

2) थैली और प्लास्टिक के सामान का उपयोग कम करें। यदि आप इनका उपयोग करते हैं, तो इनको कूड़े में न फेंकें। इनको reused वाले कचरे के ढेर में रखें।

3) यदि आप घरों या ऑफिस में electronic उपकरणों का उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें चलता हुआ न छोड़ें। ऐसा करने से कोयले से बनने वाली बिजली की खपत कम होती है. फलस्वरूप, कम प्रदूषण पैदा होगा।

4) जितना ज्यादा हो सके, घरों में और घरों के आस-पास अधिक से अधिक पेड़ लगायें।

5) कूड़े-कचरे को जलाने से बचें। इनको जलाने से कई जहरीली गैसें पैदा होती है.

6) यदि आपने Kitchen Garden बना रखा है तो kitchen से निकलने वाली waste की खाद बनायें और इनका पौधों में उपयोग करें।

Gauri
Gaurihttps://hindipradesh.com/
हैलो, मेरा नाम ग्लोरी है. मै इंजीनियरिंग में अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी हूँ. मुझे रिसर्च का और लिखने का शौक है. मुझे प्रकर्ति के साथ रहना अच्छा लगता है.
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