HomeShikshaA Scam Bigger than the Harshad Mehta Scam 1992:Satyam Fraud Case Study

A Scam Bigger than the Harshad Mehta Scam 1992:Satyam Fraud Case Study

Scam, जिसका नाम सुनते ही Sony Liv पर आयी, Webseries 1992 याद आ जाती है. यह एक ऐसा शब्द, जिसे सुचिता दलाल ने, हर्षद मेहता के समय पर introduce किया। लेकिन, इस शब्द ने आज तक अपनी छाप बना रखी है. आज भी सरकार द्वारा कितने भी सख्त rules बनायें जायें, लेकिन, कुछ लोमड़ी दिमाग कुछ loopholes ढूंढ ही लेते हैं. इन loopholes की मदद से उनकी कोशिश रहती है, कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की. ऐसे में आप कम समय में ज्यादा कमा तो लोगे, पर उतने ही कम समय में उस पैसे को गँवा भी दोगे।

Harshad Mehta Scam 1992, को देश का सबसे बड़ा Scam माना जाता रहा. 2008 से पहले, 1700 करोड़ रुपए का, यह scam देश का सबसे बड़ा scam था. लेकिन, 2009 में एक scam फिर हुआ, जिसने पूरे देश की अर्थव्यवस्था को ही पलट कर रख दिया। उस समय का यह सबसे बड़ा Scam था. इस scam में लगभग 7000 करोड़ रुपए घोटाला हुआ. क्या आप इस स्कैम के बारे में जानते हैं, मैं यहाँ बात कर रही हूँ, सत्यम स्कैम की (Satyam Scam).

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Ramalinga Raju Wiki

सत्यम कंपनी के चेयरमैन रामलिंगा राजू का जन्म 16 सितम्बर 1954 को हैदराबाद, आंध्र प्रदेश में हुआ था. इनके पिताजी का नाम श्री सत्यनारायण था. उनकी शादी नंदनी से हुई और इनके दो बेटे हुए.

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के आंध्र लोयोला कॉलेज से B.Com. की degree हासिल की. उसके बाद यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका से MBA किया।

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India वापस आने के बाद उन्होंने कपडे का business शुरू किया। फिर उन्होंने कपडे का business छोड़, real estate का काम शुरू किया। यह काम भी उनको कुछ रास नहीं आया. यह काम छोड़ उन्होंने IT क्षेत्र में सत्यम कंपनी खोली, इस कंपनी का नाम उन्होंने अपने पिताजी के नाम पर रखा था. काफी कम समय में इस कंपनी ने आसमान को छूना शुरू कर दिया।

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Satyam Scam Case Study

रामा राजू और रामलिंगा राजू ने, साल 1987 में सत्यम कम्प्यूटर्स (Satyam Computers) की शुरुआत की. क्योंकि, यह कंपनी उस समय मार्केट में अच्छा परफॉर्म कर रही थी, इसीलिए उन्होंने सत्यम कंपनी के owners ने इसको, स्टॉक एक्सचेंज में register करवाने की सोची। साल 1991 में, रामा और रामलिंगा कंपनी को Bombay Stock Exchange में register करवाने में कामयाब रहे. जितना सोचा गया था, उस से कई गुना यह कंपनी oversubscribe हुई, क्योंकि, उस समय कंपनी का growth, performance और reputation बहुत अच्छा था.

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साल 2006, एक ऐसा साल जहाँ से सत्यम कम्प्यूटर्स की शक्ल बदलने वाली थी. उस समय रामलिंगा राजू , सत्यम कम्प्यूटर्स के चेयरमैन बने. 2007 में, उन्होंने Youngest Entrepreneur का खिताब भी पाया। साथ ही कंपनी को कई अवार्ड भी दिए गए. रामलिंगा राजू के छत्र-छाया में, कंपनी का रेवेन्यू लगभग 2 अरब के आस-पास हो गया था.

कहते हैं की जब आप कम समय में ज्यादा पैसा चाहने लगते हैं, तब आपका लालच बढ़ने लग जाता है, और आप चल पड़ते हैं गलत रास्ते पर. ऐसा ही कुछ हुआ, Raju Brothers के साथ,

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राजू ब्रदर्स ने अपने revenue को काफी बढ़ा-चढ़ा कर दिखाना शुरू किया। ताकि, कंपनी की कीमत बढ़े और देखा जाये तो कंपनी की कीमत बढ़ी भी. कई नए इन्वेस्टर्स ने कंपनी में इन्वेस्ट करना शुरू किया। जिसकी वजह से शेयर मार्केट में उछाल आया. शेयर के बढ़ते हुए दामों को देख कर, रामा राजू और रामलिंगा राजू ने अपनी holdings को 1200 करोड़ रुपए में बेच दिया।

उस समय ऐसा करने के लिए एक कागजी करवाई की जाती थी और कई कंपनियां ERP सिस्टम का उपयोग करती थी. लेकिन, इन लोगो ने खुद का ही एक फ़र्ज़ी ERP सिस्टम बना लिया। कई फर्जी documents और statements ऐसे तैयार किये, जिनकी कीमत, वास्तविक कीमत से अलग थी. इस चीज़ की भनक सत्यम कंपनी के Auditors को भी नहीं लगी, क्योंकि किसी भी तरीके का कोई verification आज तक, कभी किया ही नहीं गया.

रामा राजू और रामलिंगा राजू ने, फर्जी documents और statements में दिखाये गये पैसों का FD भी करवा लिया और उन्होंने इस पैसे को खुद की ही दूसरी कंपनी Matyas में invest कर दिया। Board of Directors को यह चीज अच्छी नहीं लगी, जब उनसे रिपोर्ट मांगी गयी, तो रिपोर्ट न दे पाने के कारण आपस में कई problems create होने लगी.

जब इनके आपस के विवाद की बात मार्केट में आयी, तो लोगों ने सत्यम कंपनी के shares को बेचना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से कम्पनी के share का price गिरने लगा. जब दोनों भाइयों को यह लगा की वे पकडे जायेंगे तो उन्होंने किये जा रहे इस Fraud के बारे में सबको बता दिया।

उस समय सत्यम कंपनी देश की चौथी सबसे बड़ी IT कंपनियों में से एक थी. यह 87 देशों में अपना business फैला चुकी थी. उस समय कंपनी  के एक शेयर की कीमत 550 रुपए थी, जो गिरकर 11 रुपए हो गयी.

जब रामलिंगा राजू ने यह स्वीकार किया की, उन्होंने 7000 करोड़ रुपए का घोटाला किया है. तब share market क्रैश हो गया. और सत्यम कंपनी तो क्या कई कंपनियों के शेयरों की कीमत धड़ाम जमीन पर आ पहुंची।

इसके बाद Ramlinga Raju के against CBI जांच की गयी, और उनको जेल भेज दिया गया.

Gauri
Gaurihttps://hindipradesh.com/
हैलो, मेरा नाम ग्लोरी है. मै इंजीनियरिंग में अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी हूँ. मुझे रिसर्च का और लिखने का शौक है. मुझे प्रकर्ति के साथ रहना अच्छा लगता है.
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